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| दैनिक जागरण में हमिंग बर्ड से छपी खबर |
पुस्तक मेले दिल्ली से फेसबुक मित्र मुकेश कुमार सिन्हा की किताब "हमिंग बर्ड " खरीदी | कविता संग्रह है बहुत साधारण और सरल भाषा में लिखी जीवन की विसंगतिया ,संघर्षमय मानवीय आह्सासो का चित्रण है| दिल्ली शहर की भागती दोड़ती जीवन शेली से ना जाने कितने विषय उठाकर उन्हें संवेदनाओ के रंग में रचा है | रिश्तों के बहुरूप उकेरे है मन की कोमल भावनाओ से उन्हें सजाया भी है |कुछ उदास कविताये भी लिखने की कोशिश की मगर जीवन की सकारात्मकता को सहज कर उसमे भी हास्य का पुट दिया |
मुझे मुकेश के लेखन की एक बात अच्छी लगती है की वो विषय कोई भी साधारण चुने लेकिन उसमे जो सन्देश देते है वो मन में दबी संवेदनाओ की परत को छू लेता है |

