कविता संग्रह "हमिंग बर्ड"

Friday, November 27, 2015

सुरेश टेलर के शब्दों में : हमिंग बर्ड



प्रेम पत्र....हां एक एेसा प्रेम पत्र जो जीवन चक्र की दास्तां बयां करें। हर पहलू को जैसे एक सुंदर सी नायिका ने अपने खूबसूरत हाथों से छू लिया हो। जिसके लबों की लाली हमें केसरिया सवेरे में ले जाती है....उसके लहराते बालों की सरसराहट कई रंग बिखेर जाती है....काली सी आंखों की मस्ती हमें सुरमई शाम में डूबो देती है। सुबह जूते के लेस बांधने से लेकर रात को तकिये तक साथ निभाती मस्ती भरी हलचल चढ़ते-उतरते प्यार में भिगो जाती है।

एक एेसा प्रेम पत्र जिसमें जिंदगी के अहसास को इतनी तन्मयता से लिखा गया है कि हर पल अपना सा लगता है। एक पंछी जो दिल के हर कोने में सफर करके खुले आसमां में उड़ने लगता है। हां एेसा ही है ये हमिंग बर्ड। मुकेश कुमार सिन्हा जी की कलम से सुशोभित ये प्रेम पत्र पढ़ना जीवन की रंगीनियों का शुद्ध..और मीठा सा अहसास कराता है।

दिल से निकले सिन्हा जी के इन हंसीं..प्यार के हर पल से तरबतर...जीवन के हर पहलू से लबरेज हमिंग बर्ड को जरूर पढ़िएगा....देखिये प्यार हो ही जाएगा।

- सुरेश टेलर 


3 comments:

  1. इस रचना के लिए हमारा नमन स्वीकार करें

    एक बार हमारे ब्लॉग पुरानीबस्ती पर भी आकर हमें कृतार्थ करें _/\_

    http://puraneebastee.blogspot.in/2015/03/pedo-ki-jaat.html

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  3. हमिंग बर्ड के लिये बहुत सारी शुभकामनाएं ।

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